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हमारी संस्कृति

पोटलिया समाज का इतिहास

जिला चूरू के वीर बिग्गामल जी डूडी ने गायों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए । पोटी गाँव के पोटलिया गोत्र के जाटों की लड़की अपने घर चरखा कात रही थी । बिग्गामल जी घोड़ी पर सवार थे और रास्ते में इस लड़की से पानी माँगा । लड़की ने जवाब दिया तुम क्या मेरी खेदियोड़ी मोड़ देगा अर्थात मेरी गायें राठ ले गए हैं उनको वापस ला दोगे ? बिग्गाजी ने कहा कि गायें लाने में मर गया तो क्या सती हो जावोगी । लड़की ने जवाब दिया यह तो वक्त ही बताएगा । बिग्गामल जी बिना पानी पिए ही राठों के पीछे हो लिए । वहां पर भिडंत हुई । गाये तो छुड़ाली लेकिन बिग्गामल जी शहीद हो गए । काफी देर इंतजार के बाद वह लड़की पानी का गुणिया भरकर साथ में कुत्ता लेकर गयी । आगे जाकर देखा तो बिग्गाजी मृत मिले । वह लड़की उन पर कुंवारी सती हो गयी । यह स्थान पोटी से उत्तर-पूर्वी कोने पर स्थित है जहाँ मंदिर बना है । यहाँ लोग दाद के इलाज की मन्नत मांगने जाते हैं । विश्वास है कि यहाँ पूजा करने से दाद अच्छे हो जाते हैं ।

पोटलिया समाज में कुरीतियां मिटाने और नशा मुक्ति पर दिया जोर

जोधपुर अखिल भारतीय पोटलिया परिवार की ओर से स्नेह मिलन व प्रतिभा सम्मान समारोह डीपीएस चौराहा स्थित एक गार्डन में आयोजित किया गया। इसमें राजस्थानए मध्यप्रदेश व हरियाणा के हजारों लोगों ने भाग लिया। समारोह में आयकर विभाग उदयपुर के संयुक्त आयुक्त आईआरएस भैराराम पोटलिया खारा ने कहा कि पोटलिया परिवार में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना और युवाओं को नशे से दूर करने के लिए समाज को मिलकर कार्य करना होगा। महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मूलाराम पोटलिया भाचभर ने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा तत्पर रहने की बात कही। कार्यक्रम में पोटलिया परिवार से प्रतिभावान विद्यार्थियों प्रशासनिक सेवा में चयन होने वालों तथा खेलों में पदक प्राप्त एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। अखिल भारतीय पोटलिया महासभा का गठन भी किया गया। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर मूलाराम पोटलिया भाचभर व संरक्षक पद पर भंवरलाल पोटलिया झाड़ेलीए रामचंद्र पोटलिया बीकानेरए भेराराम पोटलिया खाराए मूलाराम पोटलिया भाण्डू व कार्यकारी अध्यक्ष पद पर रविंद्र पोटलिया भुरटिया व उपाध्यक्ष पद पर महेंद्र पोटलिया बीजरासरए प्रदीप पोटलिया ढाड़ए विजय कुमार पोटलिया साडासर व महासचिव पद पर मंगतराम चाऊवालीए हुकमाराम रायधनु व सचिव पद पर अमरसिंह पोटलिया आदर्श चवाए कोषाध्यक्ष पद पर प्रह्लादराम पोटलिया भाण्डू को निर्वाचित किया गया।

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पोटलिया समाज का इतिहास

मारवाड़ जाट इतिहास

जाट भारत और पाकिस्तान में रहने वाला एक क्षत्रिय समुदाय है। भारत में मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और गुजरात में वसते हैं। पंजाब में यह जट कहलाते हैं तथा शेष प्रदेशों में जाट कहलाते है।
जाट एक आदिकालीन समुदाय है और प्राचीनतम क्षेत्रीय वर्ग है जिसकी अनेक अनुपम विशेषताएं हैं. इसकी सामाजिक सरंचना बेजोड़ है. इस जाति ने आदिकाल से कुछ सर्वमान्य सामाजिक मापदण्ड स्वयं ही निर्धारित कर रखे हैं और इनके सामाजिक मूल्यों का निरंतर संस्तरण होता आ रहा है. जाट समाज की गोत्र और खाप व्यवस्थाएं अति प्राचीन हैं और आज भी इनका पालन हो रहा है. जाट समाज में अपने वंश गोत्र के लोग परस्पर भाई-भाई की तरह मानते है. समय समय पर मीडिया में इन व्यवस्थाओं पर हमला होता रहा है. यह समझना आवश्यक है कि जाट जाति क्या है ? जाट शब्द कितना प्राचीनत है ? जाट शब्द कैसे अस्तित्व में आया ? जाट जाति की उत्पत्ति और विस्तार कैसे हुआ ? इसका प्राचीन इतिहास क्या है ?

समाज का उद्भव

अपने परिवार के समर्पित भाई रविंद्र पोटलिया अपने परिवार के लिए कुछ करने एवं परिवार को एकजुट करने हेतु सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए दिनांक 22 सितम्बर 2016 को एक व्हाट्सप्प ग्रुप पोटलिया बंधू का निर्माण किया गया ण् जिसमे सम्पूर्ण भारत के पोटलिया बंधुओं को आपस में एक दूसरे से जोड़ने हेतु प्लेटफार्म त्यार किया गया ण् उक्त ग्रुप का विस्तार बाड़मेर से बहार निकल कर जोधपुर नागौर चूरू हनुमानगढ़ होते हुए मध्य प्रदेश और हरियाणा मैं निवासरत पोटलिया बंधुओं को सदस्य बनाया गया इस ग्रुप को 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में डॉ मूल चाँद पोटलिया गरल और भाई अमर सिंह पोटलिया आदर्श चवा के साथ मिलकर भाई रविंद्र पोटलिया भुरटिया द्वारा एक स्नेह मिलान कार्यकर्म का आयोजन किया गया जिसमें अखिल भारतीय पोटलिया परिवार के कार्यक्रम को आगे बढ़ने हेतु निर्णय किया गया ण् भाई अमर सिंह ने पोटलिया परिवार की उत्पति एवं इतिहास की जानकारी हेतु वंशावली का निर्माण करना शुरू किया !

अब रविंद्र पोटलिया के साथ भाई अमर सिंह पोटलिया और डॉक्टर मूलचंद पोटलिया ने भी अपने परिवार को एकजुट करने हेतु प्रयास करना शुरू किया ण् इसी कड़ी में पोटलिया रत्न श्री मूलाराम जी पोटलिया भच्छाभर ने द्वितीय अखिल भारतीय पोटलिया परिवार के स्नेह मिलान का आयोजन करने का बीड़ा उठाया ण् जिसका भव्य आयोजन 27 जनुअरी 2019 को किया गया !

इस स्नेह मिलन में हज़ारो की संख्या में सम्पूर्ण भारत के पोटलिया बंधुओ ने भाग लिया और सभी ने मिलकर अखिल भारतीय पोटलिए महासभा को अस्तित्व में लाया एवं इसके कार्यकारिणी का गठन किया गया ण् इस प्रकार अखिल भारतीय पोटलिया महासभा अस्तित्व में आयी !

कार्यकारिणी सदस्य

भैराराम जी
पोटलिया

मुख्य संरक्षक

मूला राम जी पोटलिया भाचभर

अध्यक्ष

रविन्द्र जी पोटलिया भुरटीया

कार्यकारी अध्यक्ष

अमरसिंह जी पोटलिया आदर्श चवा

सचिव

प्रह्लाद राम जी पोटलिया भाण्डु

कोषाध्यक्ष


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Jodhpur - 342001

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